बुधवार, 23 सितंबर 2020

om namah shivaya

 किसी के घर जाओ तो अपनी “आंखो” को इतना काबू में रखो कि उसके “सत्कार” के अलावा उसकी “कमियाँ” न दिखे और जब उसके घर से निकलो तो अपनी “ज़ुबान” काबू में रखो ताकि उसके घर की “इज़्ज़त” और “राज़” दोनो सलामत रहे।

मंगलवार, 22 सितंबर 2020

JAI JAI BAJRANGWALI KI

 झूठ बोलना भी एक कला है, जिसमें इंसान अपने बुने हुए जाल में फँसता भी खुद है और उलझता भी खुद है।

सोमवार, 21 सितंबर 2020

जय श्रीकृष्ण

 सुन्दरता की कमी को अच्छा स्वभाव पूरा कर सकता है लेकिन स्वभाव की कमी को सुंदरता से पूरा नहीं किया जा सकता.!!